पुरुष पुलिस ने बिन्द समाज की विधवा महिला को घर से उठाकर थाना ले जाकर बुरी तरह से मारा, अभी तक FIR नही-बिन्दु बाला बिन्द

Spread the love
गाजीपुर  : कृपया अवश्य पढे और शेयर करे ताकि विधवा पीडिता को न्याय मिल सके।
Bindu Bala Bind बिन्दु बाला बिन्द
Bindu Bala Bind बिन्दु बाला बिन्द
अति दुखदायी प्राप्त सूचना के मुताबिक विधवा महिला गुनिया बिन्द लगभग उम्र 46 वर्ष पत्नी स्व0 ओम प्रकाश बिन्द, ग्राम-गंधपा, थाना-करीमुद्दीपुर, गाजीपुर अपने देवर मारकण्डेय बिन्द पुत्र स्व0 कंगल बिन्द से लगभग 15 सालों से अलग रहती है, जिसकी पुष्टि ग्रामवासी कर रहे है अर्थात विधवा महिला गुनिया बिन्द का अपने देवर से कोई लेना देना नही है।
गुनिया बिन्द के देवर मारकण्डेय बिन्द का नाबालिंग लडका और गोंड समाज की नाबालिंग लडकी आपस में प्रेम करते थे और दोनो साथ भाग गये थे, बस इसी बात को लेकर करवाचौथ के दिन दिनांक 10-10-2025 के थाना-करीमुद्दीपुर, गाजीपुर की महिला पुलिस नही बल्कि पुरुष पुलिस ने सुबह 10 बजे विधवा महिला गुनिया बिन्द को विधि विरुद्व पुलिसिया रौब दिखाकर दिन दहाडे जबरन उठाकर थाना ले गयी और थाना ले जाकर बेरहमी से पीटायी करके उसी दिन शाम को 5 बजे छोड दी, जिससे घायल विधवा महिला गुनिया बिन्द का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बाराचवर, गाजीपुर में प्राथमिक उपचार कराया गया जो हालात ज्यादा खराब होने पर अगली सुबह दिनांक 11-10-2025 को जिला सरकारी अस्पताल, गाजीपुर के लिए रिफर कर दिया गया जो तभी से लेकर अभी तक विधवा महिला गुनिया बिन्द भर्ती है बावजूद इस संज्ञेय प्रकरण में अभी तक मुकदमा दर्ज न होने के वजह से विधिक मेडिकल मुआयना नही हुआ है और न ही पीडिता का ठीक से इलाज हो रहा है अर्थात जरुरी इलाज बाधित है। थाना करीमुद्दीनपुर की आरोपी पुलिस चाहती है कि मुकदमा दर्ज होने से पहले ही पीडिता विधवा महिला गुनिया बिन्द के शरीर पर मौजूद सभी जख्म भर जाये ताकि विधिक मेडिकल मुआयना में कुछ भी न आवे इसलिए मुकदमा दर्ज करने में जानबूझकर देरी किया जा रहा है। जब जब पुलिस गुण्डा प्रवृति का गैर जमानतीय विधि विरुद्व अपराध करती है तो तब तब यही पाया गया है कि बिन्द/निषाद समाज को ही टारगेट करके करती है क्योंकि पुलिस जानती है कि इस समाज को मारकर मौत के घाट भी उतार दिया जायेगा तो कही कुछ नही होगा क्योंकि बिन्द निषाद समाज के लोग विधिक जानकार नही जानते होते है तो वही बिन्द निषाद समाज के नेता लोग गुलाम होते है, जिनका समाज से कोई सरोकार नही है।
मुकदमा दर्ज करने में देरी का कारण बतायेगी गाजीपुर पुलिस ?
यूपी पुलिस की हैसियत नही है कि गैर बिन्द/निषाद/केवट/कश्यप समाज के अलावा किसी अन्य समाज के साथ ऐसी गैर जमानतीय संज्ञेय अपराध दिन दहाडे कारित कर सके ?
राज्ससभा सदन में समाज के अनुसूचित जाति के आरक्षण के बारे में मुंह बन्दकर चुप रहने वाली राज्यसभा सांसद मेथी पराठा खाकर सोई हुई ही नही है बल्कि अंधी बहरी हो गयी है जिसे यूपी सरकार की तरह ही न कुछ दिखाई देता है और न ही कुछ सुनाई। समाज जाये भाड में, मैं तो बस कमीशन लेकर गाडी जमीन खरीदूगी और नाम के साथ बिन्द भी नही लिखूगी, कोई मेरा क्या कर लेगा, कोई मेरा क्या बिगाड लेगा ?
आज जिला चिकित्सालय, सदर, गाजीपुर जाकर असहाय विधवा पीडिता महिला गुनिया बिन्द से मुलाकात करते वक्त जालिम करीमुद्दीपुर पुलिस की बर्बरता व अमानवी कृत्य की आप बीती सुनकर आँख भर आयी। किसी की भी रुह काप जायेगी। आखिर पुलिस को ऐसा अपराध करने का अधिकार किसने दिया ? आरोपी पुलिस वालो पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही कब होगी ?
क्या पुलिस विभाग द्वारा कारित किये गये इस संज्ञेय अपराध के बारे में पुलिस अधीक्षक महोदय, गाजीपुर जानते है ? यदि हाँ तो कार्यवाही में देरी क्यों, यदि नही तो इस पोस्ट का अवलोकन व संज्ञान कर शीघ्र कार्यवाही करने की कृपा करे ताकि न्याय हो सके।
✍️ गाजीपुर की सपा नेत्री बिन्दु बाला बिन्द