
गाजीपुर: मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाने, पण्डिताईन के मूत्र से शुद्व करवाने, राम मन्दिर ट्रस्ट में एक भी पीडिए को शामिल न करने, 27 प्रतिशत आरक्षण व मण्डल कमीशन का विरोध करने के बाद
RSS BJP ने PDA को फिर एहसास दिलाया कि तुम छोटका हिन्दु हो और हम बडका हिन्दु है …. बोलो जय श्रीराम !
सपा नेत्री बिन्दु बाला बिन्द ने कहा कि हमारे पूर्वज कम पढे लिखे थे, फिर भी जानते थे कि भाजपा ठाकुर ब्राह्मण बनियो की पार्टी है इसलिए कभी भाजपा को सत्ता में नही दिये और राज्य बिहार की पीडिए की जनता इतनी जागरुक है कि 10-मार्च, 1990 को जगन नाथ मिश्रा के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कोई अगडा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज न हो सका इसलिए अगडा मुख्यमंत्री बनने के लिए तरह तरह से षणयंत्र कर रहा है, लालू प्रसाद यादव व परिवार के विरुद्व तरह तरह की एजेंसी लगाकर बिहार जीतकर अगडा को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है। मुरेठा सम्राट कुशवाहा दूसरा केशव प्रसाद मौर्य है जो चुनाव परिणाम के बाद पीके-प्रशांत किशोर पाण्डेय को ही भाजपा गठबन्धन करके मुख्यमंत्री बनायेगी, इसी बात को हर एक पीडिए को समझना होगा इसलिए चिराग पासवान को अधीन सीटे दी गयी है और जेडीयू से कम सीटे लडने वाली भाजपा इस बार 101-101 सीटों के बराबरी पर लड रही है ताकि भाजपा, लोजपा (रामविलास पासवान), हम, आरएलएम के सहयोग से सरकार बनाकर नीतीश कुमार को उमा भारती की तरह साइड किया जा सके।
जनगणना का विरोध आरएसएस भाजपा क्यो करती है ?

गाजीपुर की सपा नेत्री बिन्दु बाला बिन्द की जुबानी, इस विश्लेषण को पढिये !
आरएसएस की गुलाम भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में 71 उम्मीदवारों की प्रथम सूची नागपुर से जारी करके यह बता दी है कि आरएसएस में किसी महिला को जगह नही है लेकिन भाजपा में केवल 9 महिलाओं को जगह इसलिए देना पडा है कि आधी आबादी का वोट केवल 9 महिलाओ को टिकट देने से मिल जायेगा क्योकि बिहार की 75 लाख महिलाओं को रु10,000/- दस हजार रुपये दे दिया गया है।
राजपूत 15 (26 प्रतिशत टिकट),
जनसंख्या 3.45 प्रतिशत
भूमिहार 11 (16 प्रतिशत टिकट),
जनसंख्या 2.86 प्रतिशत
ब्राह्मण 07 (10 प्रतिशत टिकट),
जनसंख्या 3 प्रतिशत
वैश्य वर्ग 11 (ईबीसी वैश्य भी शामिल)
कुल टिकट 44 (जातिवादी मानसिकता के तहत 61 प्रतिशत टिकट ठाकुर ब्राह्मण बनियो को दिया गया है जबकि इन तीनों की जनसंख्या 15 प्रतिशत है। यदि आप इस पर कुछ कहगे कि आप जातिवादी हो जाओगे और इस तर्क के साथ धर्म का नशा चढाकर पीडिए को 39 प्रतिशत टिकट दिया गया है इसलिए जोर से बोलिए, ’’जय श्रीराम’’)

कुशवाहा/दांगी 06 (मुरेठा सम्राट को भाजपा बिहार का नेता ठीक उसी तरह बनाकर 6 टिकट दे दी है जैसे यूपी में केशव प्रसाद मौर्या को मुख्यमंत्री बनाने का घोषणा की थी और चुनाव बाद स्टूल मंत्री बनाकर रख दिया है।)
कुर्मी 02, यादव 03, कायस्थ 01, अन्य पिछडा वर्ग 09
यदि भारत रत्न बाबा साहेब के संविधान के वजह से एससी/एसटी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में सीटे आरक्षित नही होती तो एक भी सीटे एससी/एसटी वर्ग को नही मिलती लेकिन संविधान के वजह से आरएसएस भाजपा को रोते रोते बेबस होकर 6 सीटे देना पडा।
एससी 05, एसटी 01
गाजीपुर की सपा नेत्री बिन्दु बाला बिन्द ने कहा कि करोडो रुपये के लालच में 4 विधायक राजद के भागकर एनडीए सरकार को समर्थन दे दिये थे।

1-चेतन आनंद राजपूत: इनको एनडीए का टिकट मिल गया।
2-अनंत सिंह भूमिहार: इनको भी एनडीए का टिकट मिल गया।
3- प्रह्लाद यादव पिछड़ी जाति: इनका टिकट एनडीए ने काटकर बता दिया कि तुम पीडिए हो यानि छोटका हिन्दु हो जो तिलमिलाकर कह रहे है कि भूमिहार उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने फरेब किया और भूमिहार ललन सिंह ने पीठ पर वार किया।
4- संगीता कुमारी चमार दलित: इनका भी टिकट एनडीए ने काटकर बता दिया कि तुम पीडिए व छोटका हिन्दु होने के साथ ही साथ महिला भी हो और अब कह रही है कि मुझे भी कहीं का नहीं छोड़ा गया। संगीता कुमारी आप बाबा साहेब व तेजस्वी यादव का धन्यवाद किजिए कि आप विधायक बन गयी, वरना कौन जानता आपको ?

गाजीपुर की सपा नेत्री बिन्दु बाला बिन्द ने कहा कि बस इतना ही अंतर है, अगड़ा और पिछड़ा-दलित में।
बड़का हिंदू और छोटका हिन्दू में।
अब आप तय कर लीजिए कि आप कौन से हिन्दू हैं ?
वैसे पीडिए समाज के कट्टर हिन्दुओं के कमेण्ट का मुझे बेसब्री से इंतजार है कि वर्तमान मानसिक दशा में कोई सुधार हुआ है या फिर धर्म का नशा बरकरार है ! पीडिए समाज के भक्तों की मानसिक दशा जानने के लिए एक बार जोर लगाकर प्रेम से बोलिए, जय श्रीराम !
