आरएसएस 52 सालों तक देश का तिरंगा नही फहराया और अब जनता को गुमराह करने के लिए निकाल रहे है तिरंगा यात्रा – बिन्दु बाला बिन्द

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Bindu Bala Bind
Bindu Bala Bind
मध्य प्रदेश के कटनी में तिरंगा विरोधी संघी गिरोह ने देश का तिरंगा उल्टा फहरा दिये।
बिन्दु बाला बिन्द Bindu Bala Bind ने कहा कि ये वही संघीय लोग हैं जो तिरंगे को अशुभ बताकर अंग्रेजों की गुलामी व जंगे आजादी के क्रान्तिकारियों की मुखबिरी करते थे और तिरंगा से इतनी नफरत करते थे कि 52 साल तक नागपुर आरएसएस कार्यालय सहित कही पर भी तिरंगा नहीं फहराते थे जो अब उल्टा तिरंगा फहरा रहे हैं और जनता को उल्लू बनाने के लिए चिल्लाकर कहते है कि घर घर तिरंगा, हर घर तिरंगा।
अंग्रेजों की गुलामी व जंगे आजादी के क्रान्तिकारियों की मुखबिरी करने वाले संघीयों, इस देश की जनता को तिरंगे की भक्ति न सिखाओ। पहले खुद सीखो। पीडिए समाज को सिखाने की आवश्यकता नही है क्योंकि तिरंगा देश की पीडिए जनता के दिलों में समाया हुआ है, जिसे कोई भी ताकत निकाल नही सकती है और तुम संघीयों के पास अतीत का कोई जवाब नही है क्योंकि 27-दिसम्बर, 1925 को आरएसएस गठन के बाद तिरंगे के प्रति जो ईर्ष्या, द्वेष, विरोध, कुंठा आदि थी, वह न तो देश भक्ति थी और न ही देश आजादी में कोई योगदान था। पीडिए समाज ने अपना लहू देकर देश आजाद करवाया जबकि तिरंगा से देश को समस्या नही थी, केवल आरएसएस को समस्या थी और है, जिसमें आम भारतीय सहित पूरे पीडिए समाज को कोई कंफ्यूजन नहीं है। किसी भी किसान के बेटों को जब भी जरूरत पड़ती है तो अपनी जिंदगी इसी तिरंगे में लपेटकर हिंदुस्तान पर कुर्बान कर देता है क्योंकि वह बेटा जंगे आजादी में भाग लेने वाले अपने पुरखों से कुर्बान होना सीखा है इसलिए संघ व संघीय लोगों से कहना चाहती हूँ कि आपने 78 साल में यह काम ना कभी किया है और न ही कभी कर सकते हैं।