समाजवादी पार्टी हर जाति समुदाय को सम्मान देने वाली है पार्टी-बिन्दु बाला बिन्द
Spread the love
Bindu Bala Bind
गाजीपुर: समता भवन पर छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती मनायी गयी। सपा नेत्री बिन्दु बाला बिन्द ने कहा कि घाघरा व गंगा नदी के बीच में मौजूद गांव बागी बलिया में छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र पैदा हुए जो 7 बार केन्द्रीय मंत्री होने के बाद भी खपरैल के मकान में रहते थे व घर से बाहर बिना किसी डर के चैकी पर ही सोते थे, जिनके पास न कोई गाडी, न कोई बंगला था।
Bindu Bala Bind
बिन्दु बाला बिन्द ने आगे कहा कि जब जनेश्वर मिश्र देश के केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री थे, तब नोटो की गड्डी पर सोने वाला देश का धन्नासेठ अम्बानी परिवार ने जनेश्वर मिश्र को बडा गुलदस्ता भेंट किया, जिसे लेने से इंकार कर दिये और नतीजा यह रहा कि देश में जगह जगह पर मौजूद रिलायंस के पेट्रोल पंप को सील करके, पंप मशीन को प्लास्टिक से बधवाकर अम्बानी परिवार को ऐहसास दिला दिये कि बाबा साहेब के वजह से देश में सवैधानिक लोकतंत्र है, राजशाही नही चलेगी। जब साल 2014 में अंबानी परिवार से करोड रुपये चन्दा लेकर चुनाव लडने वाले मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश में बन्द सभी रिलायंस के पेट्रोल पंपों को चालू कर दिये, जिसे देखने पर पीडिए समाज को लगता है कि लोकतंत्र दर्द के मारे कराह/चिल्ला रहा है और राजशाही हँस रही है, और हमारे पास वोट होने के बाद भी ईवीएम खेला करके सत्ता में आने नही दे रही है।
Bindu Bala BindBindu Bala Bind
बिन्दु बाला बिन्द ने आगे बताया कि एक बार जेनेश्वर मिश्र के छोटे भाई तारकेश्वर मिश्र ने कोई जमीन ले लिए थे तो उन पर नाराज होकर कहे थे कि तुमको समाजवाद की समझ नही है, मुझे जमीन नही चाहिए। जिला बलिया में 12वी पढते वक्त कालेज में छात्रों के लिए यूनियन की स्थापना के लिए आन्दोलन किये और फिर इलाहाबाद जाकर डा राम मनोहर लोहिया के साथ मिलकर समाजवादी विचारधारा को बढाने लगे। जेनेश्वर मिश्र, डा राम मनोहर लोहिया के नवरत्नों में शामिल थे, एक अगडा तो दूसरा पिछडा होने के बावजूद भी दोनों के विचार मिलते थे और लोहिया की सीट से लोकसभा सांसद निर्वाचित होकर संसद भवन पहुते तो हम समाजवादी के मसीहा नेता मुलायम सिंह यादव ने जेनेश्वर मिश्र को छोटे लोहिया की उपाधी दिये तब से हम समाजवादी लोग छोटे लोहिया के नाम से जानते है और जब तक समाजवादी रहेगे, तब तक जानते रहेगे।
Bindu Bala Bind
बिन्दु बाला बिन्द ने कहा कि इलाहाबाद के फूलपुर लोकसभा से पंडित जवाहर लाल नेहरु के विरुद्व डा राम मनोहर लोहिया चुनाव लड रहे थे तो जनेश्वर मिश्र बहुत ही मेहनत किये। चुनावी परिणाम में डा राम मनोहर लोहिया चुनाव हारने के बाद कहे कि एक बडे आदमी से चुनाव लडा, मानो एक पहाड से टकराया था, जो टूटकर चूर नही हुआ है लेकिन उस पहाड में दरार जरुर पडी है, जो समाजवाद की पराकाष्ठा की आखों से साफ साफ दिखाई दे रही है ।
Bindu Bala Bind
बिन्दु बाला बिन्द ने आगे कहा कि एक बार समाजवादी नेता, गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अनुप मिश्रा, जेनेश्वर मिश्र को अपने घर ले जाकर दिखाने लगे कि यह देखिए, यह कुत्ता विदेश से मंगवाया हूँ, यह पर्दे, फूल, फर्निचर विदेश से मंगवाया हूँ। सब कुछ देखने के बाद जेनेश्वर मिश्र जी ने कहा कि तुम समाजवादी नही हो सकते, समाजवादी का यह गुण नही हो सकता, क्योंकि जिस हाल में आप है, उस हाल में आपका नौकर नही है, आपके जेहन में सामंती सोच भरी पडी है, जो समाजवाद के मिशन में बाधा है। जेनेश्वर मिश्र के विचार में साफ साफ समानता दिखायी देती थी, जिसे छोटे लोहिया हर समय पर हर जाति समाज के साथ अंगीकार करके रखे हुए थे इसलिए समाजवादी पार्टी के जन्मदाता, फूलन देवी को तारने वाले मुलायम सिंह यादव, जनेश्वर मिश्र जी का बड़ा सम्मान करते थे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह से जनेश्वर मिश्र के बहुत अच्छे संबंध थे तो वही विपक्ष के लोग भी जनेश्वर मिश्र का काफी आदर सत्कार करते थे।
छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र जी जहा सोते थे, वहा पर डा राम मनोहर लोहिया जी का आरएसएस मुख्यालय की नींव हिलाने वाला यह विचार लिखा हुआ था कि जिन्दा कौमे 5 साल तक इंतजार नही करती और एक अपना विचार लिखे हुए थे कि बहुत सी बातों को समय बदलता रहता है, जिन्दा आदमी बातो को ही समय से पहले बदल देता है। जैसे इस समय वर्तमान में पीडिए बदल रहा है।
Bindu Bala Bind
बिन्दु बाला बिन्द ने आगे कहा कि जेनेश्वर मिश्र पार्क एशिया के 10 बडे पार्को में से एक है, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव ने सूबे के राजधानी लखनऊ में बनवाकर, भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा की दोस्ती पर मुहर लगाते हुए यह साबित कर दिये कि समाजवादी पार्टी के अलावा ब्राम्हणों का हितैषी कोई अन्य दल नही हो सकता है, जो आज सत्ता से बाहर होने के बाद भी विधान सभा का प्रतिपक्ष नेता माता प्रसाद पाण्डेय को बनाये है।
देश के प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जी, एच डी देवगौडा जी, इन्द्र कुमार गुजराल जी, मोरारजी देसाई जी, चन्द्रशेखर सिंह जी, चैधरी चरण सिंह जी के साथ जेनेश्वर मिश्र का केन्द्रीय कार्यकाल था और इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि जब देश के प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह मण्डल कमीशन लागू करके पिछडों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने जा रहे थे तब देश का पूरा सामंती समाज विरोध में था, दिल्ली की सडकों पर वीपी सिंह हायहाय के नारे लग रहे थे तब जेनेश्वर मिश्र, विश्वनाथ प्रताप सिंह के फैसले के साथ खम्बे की तरह खडे थे इसलिए बारम्बार सत् सत् नमन करती हूँ लेकिन पिछडों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के वजह से इन दोनो नेताओं को आज तक सामंती समाज माफ नही कर पाया है और नाराज इस कदर रहता है कि इन दोनो नेताओं के नाम से कोई कार्यक्रम का आयोजन नही करता है, लेकिन समाजवादी पार्टी हर जाति समुदाय को सम्मान देने वाली पार्टी है।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य व समाजवादी चिन्तक जेनेश्वर मिश्र का आज दिनांक 05-अगस्त, 1933 की जयंती पर सत् सत् नमन की।